बारिश तेरा आना

 

आधी रात

सितारों की बारात

मेघ बने घोड़े

बदरा आए दौड़े दौड़े

बिजली की थिरकन

हवाओ में कंपन

कही अपने आप बजते

बासुरी के स्वर

कही यूही गुनगुनाते

हौले से अधर

अनगिनत अरमान बाहों में

कितने ही मोती खयालो में

छम छम सी बूंदाबांदी

बिखरे दिल की ख्वाहिश

भीगे हुए से हज़ारों

ख्वाबों की आजमाइश

पहले से तय होता

ये हमने माना

पर् हर बार नया सा लगता

बारिश तेरा आना…..

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