खुदा तेरी खुदाई की कसम तुझे

खुदा तेरी खुदाई की कसम

जूस्तजू है अदब से एक बार
रूबरू करा दे यार से एक बार |

रास्ते में टकराए है उनसे बहुत
निगाहे मिला दे बस एक बार |

उनसे तो हम कत्ल हो चुके
इज़हार-ए-इश्क़ का गुनाह करा दे एक बार |

खुदा तेरी दर का हज कर लिए
यार के दर पर सजदा करू एक बार |

खुदा तेरी खुदाई की कसम तुझे
मेरी दुआ कबुल , कह एक बार |

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एतबार है हमे ज़िंदगी

एतबार है हमे ज़िंदगी

ज़िंदगी  जब से रूबरू हमसे हुई है
ख़यालो के तूफान थमसे गये है अभी |

पहले तो हवा का कोई रुख़ ना था
कश्ती को इक नयी दिशा मिली है अभी |

असीम आसमा में उड़ते हम खो गये थे
कदम खने एक नया क्षितीज मिला है अभी |

पतझड़ का मौसम रुखसत ना होता था
गुलिस्ता में बस बहार है पल पल अभी |

मायूसी को डिब्बी में बंद कर दिया है
मुस्कानो की लड़िया फुटती है सदा अभी |

उत्तार चढ़ाव तो आते जाते ही रहते है
संभलकर चलना सिख लिया है अभी |

मनचाहा मोड़ आएगा,यकीं है खुद पर
सही राह चुनेगी एतबार है हमे ज़िंदगी पर |

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