सितारे हज़ारों नक़ाब बदलते है

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तुम्हे देख  हमनशी कदम खुद  खुद चलते है
बड़ी मुश्किल से जज़्बादिल हमसे संभलते है |

मिलने तुझ से सातो समंदर भी पार कर जाएँगे
महफूज़ रखेंगे तेरे साए हमे ये सोच  निकलते है |

अंधेरों का ख़ौफ़ नही रहा जिगरजान को हमारी
मोहोब्बत के गवाहचिराग रौशन होके जलते है |

महबूबआफताबजहन के राज़ –ख़यालात यहाँ
वो भी महजबीदिलकशी से मुलाकात हो मचलते है |

फलकआईने से निगाहे निसार  नही होती गुलशन आरा
आपकी आरज़ू में झिलमिल सितारे हज़ारों नक़ाब बदलते है. |

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तेरी याद में

तेरी याद में
कितनी करवटें बदली,कितनी सिलवटें बिखरी
नींद से कोसो दूर वो रात भी जागी साथ हमारे
गमजुदाई में तेरी डूबे थे इस कदर क्या कहें
उलफतदिल उलझा रहा और चुन गयी दीवारे
तुझ से मिलना बहुत हो गया मुश्किल हमदम
मुलाकात की ख्वाहिश पूरी करने टूटे लाखों सितारे
अब तलक ताज़ा  है वो आँसू जो निकाला तेरी याद में
तुझ बिन हर सुना लम्हा कट जाता है उसके सहारे |

रुपहली किरनो से सजाया जो आसमान

रुपहली किरनो से सजाया जो आसमान
चाँद के बिन सितारे अधूरे  से लगते  है |

समंदर की गहराई में छुपाया जो खजाना
मोतियो  के बिन सीप अधूरे से लगते है |

इज़हार करने जाओ जो गमजमाना
आसुओ के बिन नयन अधूरे से लगते है |

महफ़िल में सजाओ जो गीतो का तराना
सुरताल  के बिन साज़ अधूरे से लगते है |

तुम हमे कितनी अज़ीज़ कैसे करे बयान
महक‘  के  बिन फूल अधूरे से लगते है |