पवन बासूरी

पवन बासूरी

भोर की रंगों से सज़ा गगन
सुनहरी रश्मि का  आगमन
कीलरव से चहेका चमन
अंगड़ाई ले जागा मधुबन
अध खुले अध खिले  सुमन
शरारत भरी थोड़ी चुभन
पंखुड़ियों पर रेशम छूअन
पुलकित रोमांचित करता तनमन
बासूरी पर छेड़ी प्रीत गुंजन
प्यार महकाता नटखट पवन 

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