साथ में हम भी


चिट्ठाजगत अधिकृत कड़ी

1.जाम पर जाम छलकते रहे
आँखों में सपने पनपते रहे
मोहोब्बत-ए-महफ़िल सजी
रात भर शमा जलती रही
तेरा आना इंतज़ार बन गया
साथ में जले हम भी |

2.मध्यम सी चाँदनी बिखरी
चाँद आया,ये रात निखरी
आगोश में समा गयी चाँदनी
प्यार के अरमान हुए रौशन
तूने जो छू लिया हमे अब
साथ में बहके हम भी |
Hindi Blogs. Com - हिन्दी चिट्ठों की जीवनधारा

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आस

रुके थे कभी
ज़िंदगी की राहो पर
राह देखी थी तुम्हारी
हर दिन,हर रात
हर लम्हा,हर घड़ी
बेसुद से खड़े रहे
हर आने जाने वाले को
पूछा, कही उन्हे तू नज़र आया
किसीने देखा हो तेरा साया
किसी को पता हो अगर
तुझ तक पहुँचे जो डगर
पर कोई जवाब नही
एक हमारे सिवा
किसी को तू याद नही
तेरी तलाश में आख़िर
हम खुद चल दिए
इस गली से उस गली
मुसाफिर बन लिए
आज तक चल ही रहे है
बस एक उमिद में
के किसी मोड़ पर
शायद तुम नज़र आओ
फिर दुबारा  जमी पर ही
तुम हमे मिल जाओ…………

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काग़ज़ पर उतर कर आ जाओ तुम

तुम्हे अपनी ज़िंदगी बनाना चाहते है
मेरी सांसो में आकर मिल जाओ तुम |

तुम्ही फूल मेरे जीवन की बगिया का
मेरे दिल में आकर खिल जाओ तुम |

तुम्हारी इनायत है ,के अभी मैं जिंदा हूँ
मेरी धड़कन में आकर समा जाओ तुम |

तुम्हारा नाम सदा गुनगुनाती रहती हूँ
मेरी होठों का संगीत बन जाओ तुम |

तुम्हे इस जिगर में जान बनाया है
मेरी काया में आकर ठहर जाओ तुम |

तुम्हारी इबादत आजकल मैं करती हूँ
मेरी दुआ आकर कबुल कर जाओ तुम |

तुमसे ही मेरे जीवन के रेशम तार जुड़े
मुझसे आकर गठबंधन कर जाओ तुम |

तुम्हे मेरी शब्दो की भावना में लिख दू
अब काग़ज़ पर उतर कर आ जाओ तुम |

वो तुम ही तो हो

वो तुम ही तो हो

रहता है जो इन झील सी निगाओं में
बन कर ख्वाब मेरे,वो तुम ही तो हो |

नाम लेती हूँ जिसका मेरी सांसो में
ज़िंदा हूँ मैं जिस कारण,वो तुम ही तो हो |

सुनना चाहूँ मैं हर पल अपने कनखियो से
जो मधुर मीठि वाणी,वो तुम ही तो हो |

जो दौड़ता है मेरी नस नस में लाल रंग
पहुचता है दिल तक मेरे,वो तुम ही तो हो |

किसी भी मोड़ पर,ज़िंदगी की राहों में
जो शक्स मिलता है मुझे,वो तुम ही तो हो |

जो बहता है बनके गीत मेरी अधरो पर
वो नज़्म खालिस,वो तुम ही तो हो |

जो चलता है हर वक़्त साथ साथ मेरे
वो अपनासा साया , वो तुम ही तो हो |

पहना है जिस्म पर मेरी जो शृंगार
वो खूबसूरत गहना,वो तुम ही तो हो |

जिस अज़ीज़ के बिना मैं हूँ अधूरी अधूरी
मुझे सपूर्ण करनेवाले,वो तुम ही तो हो |

जिसे माँगा है हमने खुदा से इबादत में
वो दुआ हमारी,वो तुम ही तो हो |

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