राह में यूही मिल गया कोई

Water lilies

 

 

 

 

राह में यूही मिल गया कोई
वक़्त में कितना बदल गया कोई

नज़दीक से गुज़रे, पहचान न पाए
अनजान सा करीब से निकल गया कोई

याद ही नही के रूबरू हुए कभी
याद सा दिल में मचल गया कोई

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पहली बूँद

पहली बूँद

आज इस वक़्त गर्मी से अलसाया मौसम भीग रहा है | बरसात की बूँदों ने
अपना गीत छेड़ दिया | छन छन सी प्यासी धरती पर नाच रही है वो बूँदें |
और भीग भीग कर मद मस्त हुए मन के मयूर पंख पसारे स्वागत कर
रहे है बदलाव का |

   ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो ,खुशियों की हवायें अपना रुख़ हमारी और
बदल रही है | तन पर गिरती हर बूँद , जाने मन को भी किन किन 
हसीन यादों में भीगा रही है | वो मीठे एहसास फिर उभर कर आते है |

   माटी की सौंधी सी खुशबू तेरा ही पैगाम देती है | उसी की तरह तुम भी
हमारी साँसों में बसे हो | वही खिड़की,वही कोफ़ी का कप,वही मस्ताना
र्रिमझिम सा गीत,वही तेरी बातों और हँसी की याद |बहुत दूर हो हमसे 
तुम ,क्या सुन रहे हो दिल के साज़ ? पगली कहते हो हमे तुम,वही सवाल 
बार बार करती हूँ, जानती हूँ समझ जाते हो तुम अनकहे ही इस दिल के राज |

तेरी याद में

तेरी याद में
कितनी करवटें बदली,कितनी सिलवटें बिखरी
नींद से कोसो दूर वो रात भी जागी साथ हमारे
गमजुदाई में तेरी डूबे थे इस कदर क्या कहें
उलफतदिल उलझा रहा और चुन गयी दीवारे
तुझ से मिलना बहुत हो गया मुश्किल हमदम
मुलाकात की ख्वाहिश पूरी करने टूटे लाखों सितारे
अब तलक ताज़ा  है वो आँसू जो निकाला तेरी याद में
तुझ बिन हर सुना लम्हा कट जाता है उसके सहारे |

उड़ जा पंछी भोर भई

अब तक तुम गहरी नींद सोए हुए हो
किन सच्चे झूठे सपनो में खोए हुए हो

वो कौनसी यादे है जो पीछा नही छोड़ती
वो कौनसी राहे है जो आगे नही बढ़ती

उन पुरानी यादों को तुम भुला दो
उन बेमानी बातों को तुम सुला दो

ख्वाबो और हवाओ में नही बनते महल
जिद्द पर तुम उतर आओ अगर
कीचड़ में भी खिल जाते है कवल

बस अपने धेय पर अटल रहना
दृढ़ निश्चय से जीवन लक्ष की और बढ़ना

जगाओ मन में आज,एक और नयी आशा
चूनलो अपने लिए,एक और नयी दिशा

कल की निशा के साथ,बीती बात गयी
उड़ जा रे पंछी , एक नयी भोर भई.