कुछ शेर-गणतन्त्र दिवस के अवसर पर

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//1//
कुछ कर गुजरने की गर तमन्ना उठती हो दिल में
भारत मा का नाम सजाओ दुनिया की महफिल में |

//2//
हर तूफान को मोड़ दे जो हिन्दोस्तान से टकराए
चाहे तेरा सीना हो छलनी तिरंगा उंचा ही लहराए |

//3//
बंद करो ये तुम आपस में खेलना अब खून की होली
उस मा को याद करो जिसने खून से चुन्नर भिगोली |

//4//
किसकी राह देख रहा , तुम खुद सिपाही बन जाना
सरहद पर ना सही , सीखो आंधियारो से लढ पाना |

//5//
इतना ही कहेना काफी नही भारत हमारा मान है
अपना फ़र्ज़ निभाओ देश कहे हम उसकी शान है |

//6//
विकसित होता राष्ट्र हमारा , रंग लाती हर कुर्बानी है
फक्र से अपना परिचय देते,हम सारे हिन्दोस्तानी है |

गणतन्त्र दिवस की आप सबको बधाई.

77 टिप्पणियाँ

  1. gyandotcom said,

    जनवरी 26, 2008 at 10:25 पूर्वाह्न

    bahut badhiya likha hai aapne
    aapko republic day ka bahut bahut badhai.

    kripya aap mujhe mere blog me catagories kaise add karte hain batayenge
    me aapka bahut aabhari rahunga
    gyan.com

  2. mehhekk said,

    जनवरी 26, 2008 at 10:28 पूर्वाह्न

    shukran

  3. विनय प्रजापति said,

    जनवरी 26, 2008 at 10:49 पूर्वाह्न

    bahut sundar, gaNtantra divas kii haardik badhaaii…

  4. mehek said,

    जनवरी 26, 2008 at 3:17 अपराह्न

    thanks nazarji aapko bhi gantantra din ki badhai.

  5. Rewa said,

    जनवरी 27, 2008 at 6:08 पूर्वाह्न

    किसकी राह देख रहा , तुम खुद सिपाही बन जाना
    सरहद पर ना सही , सीखो आंधियारो से लड़ पाना!

    Bahut khoob…..waqai bahut achha likha hai….

    हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए,
    इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए।

  6. santosh050277 said,

    जनवरी 27, 2008 at 10:11 पूर्वाह्न

    Aapne behad ghise pite shabdon ka upyog karke bahut hi sadharan kism ke sher likh daale.

  7. mehhekk said,

    जनवरी 27, 2008 at 1:23 अपराह्न

    shukriya rewaji

  8. mehhekk said,

    जनवरी 27, 2008 at 1:25 अपराह्न

    santoshji critism ke liye bhi shukriya,wo kya hai na humko to aise hi sher likhna aata hai,sadharan se lafzon mein,aur hume apni sari likhayi hamesha achhi hi lagti hai,dil se hoti hai,apko nahi pasand aayi koi baat nahi.bhari urdu shayari hume nahi aati.

  9. Rewa said,

    जनवरी 27, 2008 at 2:38 अपराह्न

    Hey Mehek, plz dont add JI with my name dear. Waise ek baat kahun….ham likhte kyun hen? bcos our simple and soft words to be understood by simple nd common people. Bhari urdu shabd or hindi shabd mein likhkar kya fayda if a common person can not understand wat we want to pass msg through our poem to them? So, plz write more nd more….I liked it very much and will keep continue reading.

  10. mehhekk said,

    जनवरी 27, 2008 at 3:02 अपराह्न

    hey rewa yes,we write in simple words coz simple people like us can understand it .so true.these small kinda things never go up on my head.at least we know how to express ourselves :):).thanks friend.

  11. anurag arya said,

    फ़रवरी 1, 2008 at 12:51 अपराह्न

    किसकी राह देख रहा , तुम खुद सिपाही बन जाना
    सरहद पर ना सही , सीखो आंधियारो से लढ पाना

    achha lagta hai,kisi ladki se ye sab sunna,sach me.

  12. फ़रवरी 29, 2008 at 11:17 पूर्वाह्न

    बहुत सुंदर प्रभावी रचना …..

    बधाई !

    स-स्नेह
    देवेन्द्र कुमार मिश्रा

  13. alokkumarsrivastava said,

    जनवरी 20, 2009 at 4:09 पूर्वाह्न

    this is very good shayari

  14. lakesh said,

    जनवरी 20, 2009 at 5:59 पूर्वाह्न

    ye vatan ka junoon hum sab mai jag jaye isliye ye ganatantra divas ke din mai ye kavita mere sub dost ko bhej raha hoo. ganatantra divas ke hardik shubhechya.

  15. Prashant said,

    जनवरी 21, 2009 at 6:53 पूर्वाह्न

    Sach me bahut achha likha hai. Dil me ek ajeeb si lahar daur jati is tarak ki kavita padhkar. Mai ye kavita apne ek dost ko bhejunga jo ise republic day par sunaega.

  16. Jitendra said,

    मई 1, 2009 at 4:53 अपराह्न

    Your poem is very good and I think that it is very special and ilike very much

  17. dishank jain said,

    जून 11, 2009 at 8:02 पूर्वाह्न

    बहुत सुंदर प्रभावी रचना …..

    बधाई !

  18. paavanj said,

    जून 12, 2009 at 7:40 पूर्वाह्न

    Hi,

    I read all six,Just want to share all this post visitors that second one is most famous specially for school students.

    Health Fitness Care Tips | Health Fitness Tips | Fitness Facts | Kesar Mango

    -Jay Javan Jay Kishan

  19. Aarif said,

    अगस्त 13, 2009 at 10:03 पूर्वाह्न

    सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
    देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है

    (ऐ वतन,) करता नहीं क्यूँ दूसरा कुछ बातचीत,
    देखता हूँ मैं जिसे वो चुप तेरी महफ़िल में है
    ऐ शहीद-ए-मुल्क-ओ-मिल्लत, मैं तेरे ऊपर निसार,
    अब तेरी हिम्मत का चरचा ग़ैर की महफ़िल में है
    सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

    वक़्त आने पर बता देंगे तुझे, ए आसमान,
    हम अभी से क्या बताएँ क्या हमारे दिल में है
    खेँच कर लाई है सब को क़त्ल होने की उमीद,
    आशिकों का आज जमघट कूचा-ए-क़ातिल में है
    सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

    है लिए हथियार दुश्मन ताक में बैठा उधर,
    और हम तैयार हैं सीना लिए अपना इधर.
    ख़ून से खेलेंगे होली गर वतन मुश्क़िल में है,
    सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

    हाथ, जिन में है जूनून, कटते नही तलवार से,
    सर जो उठ जाते हैं वो झुकते नहीं ललकार से.
    और भड़केगा जो शोला सा हमारे दिल में है,
    सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

    हम तो घर से ही थे निकले बाँधकर सर पर कफ़न,
    जाँ हथेली पर लिए लो बढ चले हैं ये कदम.
    ज़िंदगी तो अपनी मॆहमाँ मौत की महफ़िल में है,
    सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

    यूँ खड़ा मक़्तल में क़ातिल कह रहा है बार-बार,
    क्या तमन्ना-ए-शहादत भी किसी के दिल में है?
    दिल में तूफ़ानों की टोली और नसों में इन्कलाब,
    होश दुश्मन के उड़ा देंगे हमें रोको न आज.
    दूर रह पाए जो हमसे दम कहाँ मंज़िल में है,
    सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

    वो जिस्म भी क्या जिस्म है जिसमे न हो ख़ून-ए-जुनून
    क्या लड़े तूफ़ान से जो कश्ती-ए-साहिल में है
    सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
    देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है
    सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
    देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है

    (ऐ वतन,) करता नहीं क्यूँ दूसरा कुछ बातचीत,
    देखता हूँ मैं जिसे वो चुप तेरी महफ़िल में है
    ऐ शहीद-ए-मुल्क-ओ-मिल्लत, मैं तेरे ऊपर निसार,
    अब तेरी हिम्मत का चरचा ग़ैर की महफ़िल में है
    सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

    वक़्त आने पर बता देंगे तुझे, ए आसमान,
    हम अभी से क्या बताएँ क्या हमारे दिल में है
    खेँच कर लाई है सब को क़त्ल होने की उमीद,
    आशिकों का आज जमघट कूचा-ए-क़ातिल में है
    सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

    है लिए हथियार दुश्मन ताक में बैठा उधर,
    और हम तैयार हैं सीना लिए अपना इधर.
    ख़ून से खेलेंगे होली गर वतन मुश्क़िल में है,
    सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

    हाथ, जिन में है जूनून, कटते नही तलवार से,
    सर जो उठ जाते हैं वो झुकते नहीं ललकार से.
    और भड़केगा जो शोला सा हमारे दिल में है,
    सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

    हम तो घर से ही थे निकले बाँधकर सर पर कफ़न,
    जाँ हथेली पर लिए लो बढ चले हैं ये कदम.
    ज़िंदगी तो अपनी मॆहमाँ मौत की महफ़िल में है,
    सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

    यूँ खड़ा मक़्तल में क़ातिल कह रहा है बार-बार,
    क्या तमन्ना-ए-शहादत भी किसी के दिल में है?
    दिल में तूफ़ानों की टोली और नसों में इन्कलाब,
    होश दुश्मन के उड़ा देंगे हमें रोको न आज.
    दूर रह पाए जो हमसे दम कहाँ मंज़िल में है,
    सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

    वो जिस्म भी क्या जिस्म है जिसमे न हो ख़ून-ए-जुनून
    क्या लड़े तूफ़ान से जो कश्ती-ए-साहिल में है
    सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
    देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है

  20. mahesh baheti said,

    अगस्त 14, 2009 at 4:23 अपराह्न

    अपना फ़र्ज़ निभाओ देश कहे हम उसकी शान है |

  21. harshita said,

    अगस्त 26, 2009 at 10:20 पूर्वाह्न

    sahi hai par badi writing mien likhti to aur achha lagta

  22. shambhu said,

    जनवरी 19, 2010 at 8:21 अपराह्न

    laajawab hai

  23. BEEFATHIMA said,

    फ़रवरी 16, 2011 at 3:30 अपराह्न

    I LIKE THIS AND ALSO THERE SHOULD BE AN ESSAY

  24. rakesh boria said,

    अगस्त 11, 2011 at 1:06 अपराह्न

    good

  25. जनवरी 5, 2012 at 5:23 पूर्वाह्न

    Tairna hai to samandar me tairo,
    nadi naalon me kya rakha hai,
    Pyar karna hai to watan se karo…
    in bewafa ladkion me kya rakha hai
    Happy republic day

  26. ch.sanjeev tyagi (kutabpur waley) said,

    जनवरी 24, 2012 at 5:04 अपराह्न

    ‎’जो भरा नहीं है भावों से
    जिसमें बहती रसधार नहीं।
    वह हृदय नहीं है पत्थर है,
    जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं।’
    आपको गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई …
    26 जनवरी आने वाला है, यह दिन सम्पूर्ण भारत में गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है. 26 जनवरी 2012 से ठीक 22645 दिन पूर्व 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू किया गया था. बताया जाता है की पुरे विश्व में भारत ही एक ऐसा देश है जहाँ का गणतंत्र सबसे विशाल है. इस दिन को पुरे भारत में बड़े हर्षोल्लास के साथ एक राजकीय त्यौहार के रूप में मनाया जाता है.
    ज्ञातव्य हो की हमारे संविधान को 211 विद्वानों द्वारा 2 महीने और 11 दिन में पूरा किया गया था. इस संविधान को 25 नवम्बर 1949 को मंजूरी मिली थी और 24 जनवरी 1950 को सभी सांसदों, विधायकों और अन्य मंत्रियों द्वारा हस्ताक्षर किये जाने के उपरांत ही 26 जनवरी 1950 को पूर्णरूपेण भारत में लागू किया गया था.
    इन जंजीरों की चर्चा में कितनों ने निज हाथ बँधाए,
    कितनों ने इनको छूने के कारण कारागार बसाए,
    इन्हें पकड़ने में कितनों ने लाठी खाई, कोड़े ओड़े,
    और इन्हें झटके देने में कितनों ने निज प्राण गँवाए!
    किंतु शहीदों की आहों से शापित लोहा, कच्चा धागा।
    एक और जंजीर तड़कती है, भारत मां की जय बोलो।
    आज देश है मांग रहा वीरों की आहुतियाँ फिर ,,
    वीर भगत आजाद विस्मिल की आत्मा व्याकुल फिर,,
    देश युवावों का ही है वह ही इसका भविष्य रचें ,,
    वीर सुभाष हैं पथ दर्शक फिर से एक इतिहास रचें,,
    देश विश्व में आलोकित हो गौरव इसका फिर वापस आये,,
    करें कर्म कुछ ऐसा हम भारत स्वर्णिम आभा से रंग जाए,,
    गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामना ….. जय हिंद वंदे मातरम माँ तुझे प्रणाम माँ तुझे सलाम वंदे मातरम
    ch.sanjeev tyagi (kutabpur waley)
    33,gazawali roorkee road
    muzaffar nagar
    2-Add.
    Gav—-kutabpur
    po.—–Barla
    Di………muzaffarnagar U.P
    08802222211 Delhi
    09457392445 Muzaffar nagar
    09760637861 ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

  27. amit patel said,

    जनवरी 26, 2012 at 4:28 पूर्वाह्न

    hiiii mahek
    u r really impresive prson….
    aur desh k liye likhne walon se mai bhut inspair hota hun…..

  28. manisha said,

    जुलाई 2, 2012 at 6:37 पूर्वाह्न

    bahan ke lode …………….. teri maa ki choot………….
    gaaaand maar le apni maaaa ki

  29. gorkh said,

    दिसम्बर 8, 2012 at 2:19 अपराह्न

    galat karne valo ka sada hi
    bura anjam hoga

    yahi to bhul hai ham sochte
    hai
    desh ne hame kya diya lekin
    yah bhul jate hai desh ke liye
    hamne kya kiya kaisa lga dosto
    ek bar desh ki seva kar ke dekhia
    fhir poochhiaga desh ne hame kya diya

    BEST
    OF
    LUCK

  30. sachin dwivedi said,

    जनवरी 21, 2013 at 12:47 पूर्वाह्न

    very good

  31. Anant Ingole said,

    जनवरी 24, 2013 at 6:19 पूर्वाह्न

    mai es desh ka hanuman hu
    ye desh mera ram hai
    chati chirke dheklo
    andar baitha hindustan hai

  32. Sonal Mahawar said,

    जनवरी 24, 2013 at 10:33 पूर्वाह्न

    really inspiring

  33. जनवरी 26, 2013 at 4:57 पूर्वाह्न

    bahut hi umda likha hai kese tarif kare

  34. sonu parihar said,

    जनवरी 26, 2013 at 8:03 पूर्वाह्न

    naman hai un shahido ko jinhone apna lahoo bahakar bharat maa ka name gorwanvit kiya, ab bo hi samaya aa gya hai humain bhi ab desh ke liye kuch karke aatankwad se desh ko bachana hai

  35. जनवरी 23, 2014 at 2:31 अपराह्न

    sarfrosi ki tamana ab hamarai dil mai hai daikhana ha josh kitna bajuai katil mai hai yeh kathan ramprasad bisimal nai kaha tha nishant kumar nayak mandrella jjn rajasthan a.v.m

  36. जनवरी 23, 2014 at 4:00 अपराह्न

    ajadi ki khuli hava mai nikle sina tan ke ham bache hindustan ke _2 jis ke kheto mai sona hai bagho mai hariyali hai pro..=nishant kumar nayak mandrella jjn rajashthan a.v.m schooj

  37. जनवरी 25, 2014 at 7:23 पूर्वाह्न

    Dil ko chhoo jane wali kavita …

  38. जनवरी 25, 2014 at 5:21 अपराह्न

    आपकी क्या तारीफ करु मेरे दोस्त 9166563022

  39. जनवरी 25, 2014 at 5:31 अपराह्न

    मेरे नम्बर पर कल देश भक्ती संदेश भेजना
    आप सभी को गणतंत्रता दिवस की बदाई

  40. narendra kumar gupta said,

    जनवरी 25, 2014 at 6:31 अपराह्न

    badey chalo sipahiyo kadam kahin ruke nahi
    is swatantra desh ki aab dhwaja jhuke nahi.

  41. PUSHKER RAJ SHRIVASTAV said,

    जनवरी 25, 2014 at 7:37 अपराह्न

    LIKE

  42. जनवरी 26, 2014 at 2:45 पूर्वाह्न

    all Indians happy Independence day

  43. santosh kumar said,

    जनवरी 26, 2014 at 4:57 पूर्वाह्न

    jay hind

  44. जनवरी 26, 2014 at 5:38 अपराह्न

    Gantantr divas par hardhi subhecha

  45. मई 27, 2014 at 5:59 पूर्वाह्न

    AAPKI KAVITAYE BAHUT HI ACHCHI LAGA AISE HI LIKHTE RHAKRM
    ALL THE BEST

  46. vivek said,

    दिसम्बर 11, 2014 at 1:09 अपराह्न

    i like all of u u are truly real indian par indian kewal shayari se nai dil se bano we all indian aur mujhe garv h i am indian

  47. sonu yadav said,

    जनवरी 25, 2015 at 5:59 पूर्वाह्न

    namskar dosto aap sab ko 26 janwari mubarak ho

  48. जनवरी 25, 2015 at 6:03 पूर्वाह्न

    naman hai un shahido ko jinhone apna lahoo bahakar bharat maa ka name gorwanvit kiya, ab bo hi samaya aa gya hai humain bhi ab desh ke liye kuch karke aatankwad se desh ko bachana hai

  49. जनवरी 25, 2015 at 7:46 पूर्वाह्न

    Repablik day mana sahi w uchi hain par koi ise batla man kar khele to wah hamare dusman se vhi bada hain

  50. Ankit Mishra said,

    जनवरी 25, 2015 at 2:21 अपराह्न

    Republic day ki dher sari subhkamanaye……☆☆☆☆☆

  51. Kapil pareek said,

    जनवरी 25, 2015 at 3:02 अपराह्न

    munni badanam ho sakati h,
    sheela javan ho sakati h
    media vale kuch bhi bakate h
    kya ham 1 din phale ‘HAPPY REPUBLIC DAY’ nahi kah sakte h

  52. Vicky Arya said,

    मार्च 9, 2015 at 7:21 पूर्वाह्न

    न्यू भारतीय सितारा आज कल धरती पर अत्याचार बङता ही जा रहा हैं आओ इसे हम सब मिलकर रोकने का प्रयास करते हैं अगर नहीं रोका तो यह आने बाली शदियों के लिए इतिहास बनेगा.ते जय भारत, हमसे जुङने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करे, FBखोजे ‘New Inklaab Zindabaad’
    Email:Dharmveersingh383@yahoo.com

  53. joginder dhanda said,

    अगस्त 3, 2015 at 6:40 पूर्वाह्न

    bhut ach g

  54. Durgesh said,

    अगस्त 5, 2015 at 1:43 अपराह्न

    charo tarf ujala per andheri rat thi jab wo hua sahid un dino ki yah baat thi
    aagan me betha beta ma se puche bar bar dipawali per kyu n aaye papa abki baar!

    Please Irequast for you
    ye kavita chahia mujhe
    please

  55. अगस्त 10, 2015 at 10:21 पूर्वाह्न

    मेरा आना बाकी था और भी आएंगे

  56. Praveen yadav said,

    अगस्त 11, 2015 at 7:41 पूर्वाह्न

    INDIA IS LIVE IN MY HEART.
    JAI HIND

  57. Anurag Tripathi said,

    अगस्त 13, 2015 at 10:52 पूर्वाह्न

    Desh ko aishi hi soach ke naagriko ki jarurat hai aor mujhe garv hai ki mai BHARAT ka naagrik hu.

  58. जनवरी 15, 2016 at 1:19 पूर्वाह्न

    hum bharat mata ke naujwan h jab tak nahi rukenge jab tak aatankwadiyo mar nhi denge

  59. जनवरी 15, 2016 at 1:23 पूर्वाह्न

    garv h ki hum bhartiy h kant dalenge pakisthan ko

  60. thakur kamal chauhan said,

    जनवरी 18, 2016 at 2:17 अपराह्न

    भारत माँ के हम बेटे यू ही जान गवा देते है छोड़े ना काशमीर मार कर बाहर भगा देते है

  61. टाकुर कमल चोहान said,

    जनवरी 18, 2016 at 2:33 अपराह्न

    यह देश हे हिनँदुओ का निवास नही मुललो का पूजे हे हम गायो को धरम नही हे सुअरो का यहा बाके वीर सिपाही हे टपोरी कोई सनतान नही रहते हे बाडर पर डरपोक कोई जवान नही

  62. bikas said,

    जनवरी 23, 2016 at 2:10 पूर्वाह्न

    O log bare bhusnshib h jjnke dil dilo me ESE deshprem panapge….
    Jay hind jay bharat jay jay ho hayar…

  63. जनवरी 23, 2016 at 2:51 अपराह्न

    Really inspiring

  64. akhil said,

    जनवरी 25, 2016 at 8:51 पूर्वाह्न

    these poems are good so always write and go ahead …

  65. देव व्रत शुक्ल said,

    मई 19, 2016 at 5:07 पूर्वाह्न

    वह खून कहो किस मतलब का
    जिसमें उबाल का नाम नहीं।
    वह खून कहो किस मतलब का
    आ सके देश के काम नहीं।
    वह खून कहो किस मतलब का
    जिसमें जीवन, न रवानी है!
    जो परवश होकर बहता है,
    वह खून नहीं, पानी है!
    उस दिन लोगों ने सही-सही
    खून की कीमत पहचानी थी।
    जिस दिन सुभाष ने बर्मा में
    मॉंगी उनसे कुरबानी थी।
    बोले, “स्वतंत्रता की खातिर
    बलिदान तुम्हें करना होगा।
    तुम बहुत जी चुके जग में,
    लेकिन आगे मरना होगा।
    आज़ादी के चरणें में जो,
    जयमाल चढ़ाई जाएगी।
    वह सुनो, तुम्हारे शीशों के
    फूलों से गूँथी जाएगी।
    आजादी का संग्राम कहीं
    पैसे पर खेला जाता है?
    यह शीश कटाने का सौदा
    नंगे सर झेला जाता है”
    यूँ कहते-कहते वक्ता की
    आंखों में खून उतर आया!
    मुख रक्त-वर्ण हो दमक उठा
    दमकी उनकी रक्तिम काया!
    आजानु-बाहु ऊँची करके,
    वे बोले, “रक्त मुझे देना।
    इसके बदले भारत की
    आज़ादी तुम मुझसे लेना।”
    हो गई सभा में उथल-पुथल,
    सीने में दिल न समाते थे।
    स्वर इनकलाब के नारों के
    कोसों तक छाए जाते थे।
    “हम देंगे-देंगे खून”
    शब्द बस यही सुनाई देते थे।
    रण में जाने को युवक खड़े
    तैयार दिखाई देते थे।
    बोले सुभाष, “इस तरह नहीं,
    बातों से मतलब सरता है।
    लो, यह कागज़, है कौन यहॉं
    आकर हस्ताक्षर करता है?
    इसको भरनेवाले जन को
    सर्वस्व-समर्पण काना है।
    अपना तन-मन-धन-जन-जीवन
    माता को अर्पण करना है।
    पर यह साधारण पत्र नहीं,
    आज़ादी का परवाना है।
    इस पर तुमको अपने तन का
    कुछ उज्जवल रक्त गिराना है!
    वह आगे आए जिसके तन में
    खून भारतीय बहता हो।
    वह आगे आए जो अपने को
    हिंदुस्तानी कहता हो!
    वह आगे आए, जो इस पर
    खूनी हस्ताक्षर करता हो!
    मैं कफ़न बढ़ाता हूँ, आए
    जो इसको हँसकर लेता हो!”
    सारी जनता हुंकार उठी-
    हम आते हैं, हम आते हैं!
    माता के चरणों में यह लो,
    हम अपना रक्त चढाते हैं!
    साहस से बढ़े युबक उस दिन,
    देखा, बढ़ते ही आते थे!
    चाकू-छुरी कटारियों से,
    वे अपना रक्त गिराते थे!
    फिर उस रक्त की स्याही में,
    वे अपनी कलम डुबाते थे!
    आज़ादी के परवाने पर
    हस्ताक्षर करते जाते थे!
    उस दिन तारों ने देखा था
    हिंदुस्तानी विश्वास नया।
    जब लिक्खा महा रणवीरों ने
    ख़ूँ से अपना इतिहास नया।

  66. yogesh kumar jangir said,

    जुलाई 24, 2016 at 2:45 पूर्वाह्न

    dear sir I like your desh bhakti safari so much thank u thank and thank u if u have any other sayari on our country plz send me by e mail

  67. अगस्त 12, 2016 at 12:27 अपराह्न

    Me apne vaten ko salam karta hu
    Jai hind

  68. SHAMBHU PUROHIT said,

    अगस्त 14, 2016 at 3:38 अपराह्न

    Really nice and meaningful…….

  69. अक्टूबर 1, 2016 at 6:40 पूर्वाह्न

    Aapne 26january Ke Bare Me Chue Hue Shabdo Likhe Iske Liye Dhanyawad

  70. ASGHAR ALI RIZVI said,

    नवम्बर 28, 2016 at 6:27 पूर्वाह्न

    GALIB HUM SIR KATA SAKTE HAI WATAN KE LIYA AGRA JO WATAN PER BAAT AA JAY JAY HIND JAY BHART WANDMATRAM


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